गजब का लिखा है। सादर
प्रियंका...कोई अहमक ही होगा जो कि ...बेंतहा मोहब्बत से लबरेज....सुर्ख बोसों से गुलाबी हुए...जन्मदिन के तोहफे ...वो रतजगे ....भूलेगा कभी .
Wah, Adbhut....
धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!
धन्यवाद दी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
गजब का लिखा है।
ReplyDeleteसादर
प्रियंका...कोई अहमक ही होगा जो कि ...बेंतहा मोहब्बत से लबरेज....सुर्ख बोसों से गुलाबी हुए...जन्मदिन के तोहफे ...वो रतजगे ....भूलेगा कभी .
ReplyDeleteWah, Adbhut....
ReplyDeleteधन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद दी..!!
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