ऐसी ही है...यह दुनिया ...इसमें ही जीना है और खुश भी रहना है
bahut khub
सच को खरीदने के लिए खरीदार नहीं मिलते आज ... क्या बात कही है ...
धन्यवाद दी..!!
धन्यवाद शेफाली जी..!!
धन्यवाद दिगंबर नासवा जी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
ऐसी ही है...यह दुनिया ...इसमें ही जीना है और खुश भी रहना है
ReplyDeletebahut khub
ReplyDeleteसच को खरीदने के लिए खरीदार नहीं मिलते आज ... क्या बात कही है ...
ReplyDeleteधन्यवाद दी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद शेफाली जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद दिगंबर नासवा जी..!!
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