Saturday, November 26, 2011

'बेच आया हूँ..'




...


"ख्वाइश थी..
ना गुलज़ार हो..
आँगन कभी..

वादा निभा आया हूँ..
आज फिर..
खुद को बेच आया हूँ..!!!


...

5 comments:

स्वागत है..आपके विचारों का..!!!