Saturday, March 31, 2012

'समंदर..'

...

"कहाँ छुपे रहे..
ए-जां..
तरसता रहा..
समंदर मेरा..!!!"

...

5 comments:

  1. झांकिए कहीं भीतर ही तो नहीं डूब उतरा रहा....

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  2. रूह में रहने वाले...बसने वालों को क्या तरसना.

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  3. धन्यवाद expression जी..!!

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  4. धन्यवाद चिराग जोशी जी..!!

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