झांकिए कहीं भीतर ही तो नहीं डूब उतरा रहा....
रूह में रहने वाले...बसने वालों को क्या तरसना.
umdaaa...
धन्यवाद expression जी..!!
धन्यवाद चिराग जोशी जी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
झांकिए कहीं भीतर ही तो नहीं डूब उतरा रहा....
ReplyDeleteरूह में रहने वाले...बसने वालों को क्या तरसना.
ReplyDeleteumdaaa...
ReplyDeleteधन्यवाद expression जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद चिराग जोशी जी..!!
ReplyDelete