Thursday, March 29, 2012

'लम्हा..'

...

"लिखती रहूँगी..
हर इक लम्हा..
तेरे नाम..
कब तलक..
छुपा सकोगे..
हाल-ए-दिल..
हमसे..!!"

...

8 comments:

  1. छुपाये नहीं छुपता ....
    सुन्दर!!!

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  2. छुपाये नहीं छुपता ....
    सुन्दर!!!

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  3. सचमुच..!!
    kalamdaan.blogspot.in

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  4. लाजवाब शब्द सयोंजन .

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  5. कम शब्दों मे बढ़िया भाव संजो दिये आपने बहुत खूब

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  6. अपनों से हाले दिल छुपाना बड़ा मुश्किल होता है.

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  7. धन्यवाद expression जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!