लोग जुदाई से घबराते हैं और आप हैं कि उधार मांग रही हैं ... बहुत खूब
धन्यवाद संगीता आंटी..!!!
बहुत सुन्दर प्रस्तुति!आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (01-10-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!सूचनार्थ!
धन्यवाद मयंक साब..!! आभारी हूँ..!!
बेहतरीन वक्तव्य !जरा गम-ए- जुदाई उधर दे जानाकिश्तें चुकानी हैं !
धन्यवाद धीरेन्द्र अस्थाना जी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
लोग जुदाई से घबराते हैं और आप हैं कि उधार मांग रही हैं ... बहुत खूब
ReplyDeleteधन्यवाद संगीता आंटी..!!!
ReplyDeleteबहुत सुन्दर प्रस्तुति!
ReplyDeleteआपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (01-10-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!
धन्यवाद मयंक साब..!!
ReplyDeleteआभारी हूँ..!!
बेहतरीन वक्तव्य !
ReplyDeleteजरा गम-ए- जुदाई
उधर दे जाना
किश्तें चुकानी हैं !
धन्यवाद धीरेन्द्र अस्थाना जी..!!
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