Sunday, November 4, 2012

'बही-खाते ..'






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"जीते रहेंगे आप सदा..
गुज़ारिश है ऊपर वाले से..
मरना-वरना खेल हमारा..
तुमको क्या बही-खाते से..!!"

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4 comments:

  1. क्या बात कही आपने....वाह!

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  2. धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!!

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  3. वाह...
    बढ़िया.....

    अनु

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  4. धन्यवाद अनु जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!