प्रियंकाभिलाषी..
Saturday, December 29, 2012
'हिसाब..'
...
"काश..
बाँट सकती वजूद..
मिटी हूँ इस कदर..
जिस्म माँगे हिसाब..
हर नफ्ज़..!!"
...
No comments:
Post a Comment
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
‹
›
Home
View web version
No comments:
Post a Comment
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!