Sunday, February 3, 2013

'अदा..'





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"क़त्ल करने को काफी..तेरे लफ्ज़..
सज़ा देने को काफी..तेरी अदा..
दम तोडूँ गर, उफ़ ना करना..!!!"

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4 comments:

  1. उनकी उफ पर तो दम टूट ही जाएगा :)

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  2. जी संगीता आंटी..

    टूट जाये दम तो बेहतर है..

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  3. Apki rachna shabdo ki chahalkadmi me padhne ko mili hume

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  4. धन्यवाद संजय भास्कर अहर्निश जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!