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"तेरी याद का इक गमला रखा था जो मेज़ पर साथ बीते पलों के बीज वाला..फलने-फूलने लगा है..जब भी वहशत का तूफां आता है, नर्म साँसों की टहनी रूह की वादियों में कर देती है बौछार..!!! सिलवटों का असर उतर आया है गुलों की रंगत में..उँगलियों के पोर से सहलाती हूँ जब पत्तियाँ, कसती गिरफ़्त बढ़ा जाती है धड़कन..!!!
पर तुम नहीं होते हो..और यूँ ही मचलता है आफ़ताब की चांदनी से इसका जिस्म.. तरसती रूह हर शै वास्ते, मेरे जोगिया..!!!"
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---सन्डे नाईट थॉट्स..
maulik aur beshkimati hai aapka lekhan ise sambhaal kar rakhna...
ReplyDeleteabhivyakti aur manobhaav sufiyane aur roohaniyat liye...
बीते पलों का बीज .....वहशत का तूफां .........नर्म साँसों की टहनी........रूह की वादियाँ .....सिलवटों का असर .........गुलों की रंगत........कसती गिरफ़्त बढ़ा जाती है धड़कन.........आफ़ताब की चांदनी ...............तरसती रूह हर शै वास्ते........तेरी याद का इक गमला.......मेरे जोगिया ................किसके बारे में क्या लिखूं ? ..........ये शब्द एक एक कहानी का टाइटल लग रहा है....एक एक उपन्यास बन सकता है .......ये सिर्फ sanday नाईट थॉट्स नहीं है ........हर अल्फ़ाज़ एक एक कहानी छुपाये बैठा है ...Your thoughts , in fact , nothing but chisel and hammer that carve our thoughts ....
ReplyDeleteबीते पलों का बीज .....वहशत का तूफां .........नर्म साँसों की टहनी........रूह की वादियाँ .....सिलवटों का असर .........गुलों की रंगत........कसती गिरफ़्त बढ़ा जाती है धड़कन.........आफ़ताब की चांदनी ...............तरसती रूह हर शै वास्ते........तेरी याद का इक गमला.......मेरे जोगिया ................किसके बारे में क्या लिखूं ? ..........ये शब्द एक एक कहानी का टाइटल लग रहा है....एक एक उपन्यास बन सकता है .......ये सिर्फ sanday नाईट थॉट्स नहीं है ........हर अल्फ़ाज़ एक एक कहानी छुपाये बैठा है ...Your thoughts , in fact , nothing but chisel and hammer that carve our thoughts ....
ReplyDeleteबहुत बढ़िया प्रस्तुति !
ReplyDeleteबहुत कुछ का अनुसरण कर बहुत कुछ देखें और पढें
धन्यवाद जी जी शेख साब..!!
ReplyDeleteधन्यवाद मयंक साब..!!
ReplyDeleteधन्यवाद मयंक साब..!!
ReplyDeleteआभारी हूँ..
धन्यवाद लक्ष्मण बिश्नोई जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद ब्लॉग प्रसारण जी..!!
ReplyDeleteआभारी हूँ..
नयंक साब..
ReplyDeleteहार्दिक धन्यवाद..!!! ये तो बस यूँ ही बह चलते हैं, नॉवल्स का तो पता नहीं कुछ भी..
बहुत बढ़िया प्रस्तुति !
ReplyDeleteधन्यवाद दर्शन जी..!!
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