Tuesday, June 11, 2013

'शफ़क़..'



...

"बेदख़ल..
ज़ुल्फों को कर दूँ..
या..
घटाओं को..

सिलवटों को..
या..
करवटों को..

साहिलों को..
या..
सैलाबों को..

मुमकिन नहीं..
रेगिस्तां में शफ़क़..!!!"

...

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