Tuesday, June 18, 2013

'ह्रदय-उपवन..'




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"देखो..धुला-धुला आकाश सारा..
जाने ह्रदय-उपवन किसने सँवारा..
खिले जब-तब अंतर्मन दर्पण..
सृष्टि करे विवेचन तुम्हारा..!!"

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2 comments:

  1. श्रृष्टि जानती है प्रेम के असर ..

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  2. धन्यवाद दिगम्बर नासवा जी..!!

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