प्रियंकाभिलाषी..
Tuesday, June 18, 2013
'ह्रदय-उपवन..'
...
"देखो..धुला-धुला आकाश सारा..
जाने ह्रदय-उपवन किसने सँवारा..
खिले जब-तब अंतर्मन दर्पण..
सृष्टि करे विवेचन तुम्हारा..!!"
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2 comments:
दिगम्बर नासवा
June 19, 2013 at 3:43 AM
श्रृष्टि जानती है प्रेम के असर ..
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priyankaabhilaashi
June 26, 2013 at 5:02 AM
धन्यवाद दिगम्बर नासवा जी..!!
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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श्रृष्टि जानती है प्रेम के असर ..
ReplyDeleteधन्यवाद दिगम्बर नासवा जी..!!
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