प्रियंकाभिलाषी..
Sunday, July 21, 2013
'सुंदर ख़्वाब..'
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"क्यूँ इतनी हिम्मत नहीं रखते कि मुझसे ही कह सको..मैं तुम्हारे लिये नहीं..!!! रेज़ा-रेज़ा कहर ढाते हो, क़यामत का इम्तिहान लेना बंद करो..वरना, जल्द ही साँसें चुप हो जायेंगी..!!"
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--कभी-कभी यूँ भी लिखे जाते हैं शब्दों के सुंदर ख़्वाब..
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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