Sunday, November 17, 2013

'समर्पण की खुशहाली..'





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"जीवन की परिभाषा ऐसी..
किसने बनायी है..
क्यूँ बेटी अपने घर से ही..
हुई परायी है..

काश! समझते जो बनाते..
ताने-वाने..
जीवन में समर्पण की खुशहाली..
एक वो ही लायी है..!!"

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16 comments:

  1. समर्पण की खुशहाली... अपने आप में सबकुछ कहते हैं ये शब्द... बहुत सुन्दर

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  2. धन्यवाद पारुल चंद्रा जी..!!

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  3. सच कहा है .. खुशहाली लाती हैं बेटियाँ ...

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  4. खुबसूरत अभिवयक्ति.....

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  5. कल 20/11/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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  6. बेटियों सी प्यारी रचना..

    अनु

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  7. धन्यवाद सरिता भाटिया जी..

    सादर आभार..!!

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  8. धन्यवाद राजीव कुमार झा जी..!!!

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  9. धन्यवाद दिगंबर नासवा जी..!!

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  10. धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!

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  11. धन्यवाद यशवंत जी..

    सादर आभार..!!

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  12. सुंदर सन्देश...

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  13. धन्यवाद vaanbhatt जी..!!

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  14. धन्यवाद हर्षवर्धन जी..!!

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  15. धन्यवाद एक्सप्रेशंस जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!