प्रियंकाभिलाषी..
Tuesday, January 21, 2014
'मखौल..'
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"सपनों के टूटने पे आवाज़ नहीं होती इन दिनों..छुट्टी पर होंगे सब..
मखौल अपना बना क्या मिला..कल भी तुझसे दूर था..आज भी वहाँ ही रहा..!!"
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--ज़िन्दगी की कहानी..
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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