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"जाने नाम क्यूँ ज़रूरी था एडमिशन फॉर्म पर मेंशन करना.??? निखिल ने एक नामी कॉलेज में फैकल्टी का फॉर्म भरते हुए सोचा..मेरी पर्सनल लाईफ(रिलेशनशिप स्टेटस, स्पाउस का नाम, ऑक्यूपेशन, किड्स की इन्फो) से मेरे टैलेंट का एनालिसिस..???
आज अगर पर्सनल फ्रंट पर क्राइसिस है तो प्रोफेशनल फ्रंट पर भी क्राइसिस शुरू हो जाए.. बौद्धिक स्तर से मानवीय मूल्यों का ह्रास हो गया..!!
काश, इन सो-कॉल्ड ह्यूमन रिसोर्स एक्सपर्ट्स को 'फाइनेंशियल मैनेजमेंट' की जगह 'सेंसिटिविटी मैनेजमेंट' सब्जेक्ट पर लेक्चर दे सकता.. पुअर फैलोज़..!!"
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