प्रियंकाभिलाषी..
Saturday, April 26, 2014
'विसर्गः कर दो..'
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"मेरे विस्तार को अनंत कर दो.. मुझे विराट से तुम्हारे नाम का विसर्गः कर दो..!!"
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--वैकल्पिक विचार..
2 comments:
दिगम्बर नासवा
April 27, 2014 at 5:32 AM
गहरी बात ..
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priyankaabhilaashi
April 27, 2014 at 8:21 AM
धन्यवाद दिगंबर नास्वा जी..!!
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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गहरी बात ..
ReplyDeleteधन्यवाद दिगंबर नास्वा जी..!!
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