Sunday, April 27, 2014

'मीत मेरे..'





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"इक मेरे मन का राग.. इक तेरे मन का साज़..
मधुर संगीत के लिए आवश्यक है, प्रिये..!!"

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--मीत मेरे.. रीत हो तुम.. <3

2 comments:

  1. अच्छी भावाभिव्यक्ति .

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  2. धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!