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"चहुँ ओर माँ के लिए संदेश..अपना वर्चस्व जमा रहे हैं.. विस्मित होना आवश्यक है..हम भारतवर्ष के निवासी..और..माँ की महिमा का बखान..अंग्रेज़ों की इच्छाशक्ति अनुसार..??
माँ को नमन करना..क्या आज ही पर्याप्त है..??"
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--ज्ञान-चक्षु और ह्रदय-पटल की साझा योजना..
##तथाकथित अंग्रेज़ी वाला 'मदर्ज़ डे' के संदर्भ में..
माँ का बयान पूरा वर्ष .. पूरी उम्र हो तो भी कम है ... फिर आज भी शामिल है पूरी उम्र में तो आज भी क्यों नही ...
ReplyDeleteमाँ के लिये स्नेह की बहुत ही प्यारी अभिव्यक्ति है ।
ReplyDeleteधन्यवाद दिगंबर नास्वा जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद संजय भास्कर जी..!!
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