प्रियंकाभिलाषी..
Tuesday, May 27, 2014
'मज़बूत इस्पात..'
...
"माँ का आँचल..और ममत्व..
सुनो माँ..
मैं सबसे सुरक्षित और मज़बूत इस्पात में पिघल..
करुणा और प्रेम का संचार करूँगा..
तुम थामे रखना..
हर आँधी के कण बुनूँगा..!!"
...
2 comments:
दिगम्बर नासवा
June 1, 2014 at 11:46 PM
गहरा एहसास ...
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priyankaabhilaashi
June 2, 2014 at 9:35 AM
धन्यवाद दिगम्बर नास्वा जी..!!
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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गहरा एहसास ...
ReplyDeleteधन्यवाद दिगम्बर नास्वा जी..!!
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