Tuesday, May 27, 2014

'मज़बूत इस्पात..'






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"माँ का आँचल..और ममत्व..
सुनो माँ..
मैं सबसे सुरक्षित और मज़बूत इस्पात में पिघल..
करुणा और प्रेम का संचार करूँगा..
तुम थामे रखना..
हर आँधी के कण बुनूँगा..!!"

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2 comments:

स्वागत है..आपके विचारों का..!!!