प्रियंकाभिलाषी..
Sunday, June 15, 2014
'रिक्त बीज..'
...
"सारे प्रयत्न विफल हुए..आषाढ़ की तीज पर..
कितने तरुवर लील हुए..एक रिक्त बीज पर..!!!"
...
--अपनी आग को ज़िंदा रखना..
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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