प्रियंकाभिलाषी..
Friday, September 5, 2014
'गुरुजन..'
...
"पहला वर्ण..
पहला अक्षर..
पहला वाक्य..
माँ..
गुरुजन..
मित्रगण..
समस्त-जन..
कृतज्ञता..
सहर्ष..
करें..
स्वीकार..
अहोभाग्य..
सानिध्य-स्नेह..
पाया..
अपार..!!"
...
--समृद्ध रहे आँगन आप सबका..
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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