
...
"मिट गया फिर से..
प्रेम-पत्र तेरे नाम का..
लिखा था जो लेट-नाइट्स..
जीमेल हिंदी वाले पेज पर..
इन्सटौलमेंट्स में छपते गए..
तुम्हारा प्यार बाँधे 'हर्फ़'..
इंस्टैंट सेव भी होते थे..
ये ज़ालिम मैटर रफ़..
हाय रब्बा..
सुना आपने..
प्यार भी इलेक्ट्रॉनिक हो गया..!!"
...
--शुक्र वाला शुक्रिया.. <3
मॉडर्न लाइफ में मॉडर्न हो गया है प्यार का इज़हार
ReplyDeleteबहुत बढ़िया
धन्यवाद कविता रावत जी..!!
ReplyDelete