प्रियंकाभिलाषी..
Sunday, November 30, 2014
'पलाश..'
...
"मेरे भीतर का पलाश खोज रहा है..रंग-भंगिमा..!! भाव-तूलिका से उकेर दो..सूक्ष्म-ताल..!!"
...
--स्वीकार लो..
No comments:
Post a Comment
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
‹
›
Home
View web version
No comments:
Post a Comment
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!