प्रियंकाभिलाषी..
Sunday, November 23, 2014
'आईडिया..'
#जां
...
"रूह पे खुदा है..
नाम तुम्हारा..
जिस्म पे गुदवा..
किसे है दिखाना..
जाने दो..
ये आईडिया पुराना..
कर देते हैं मिलके..
इसपे रंग-रोगन दोबारा..!!"
...
--विचारों को विराम दे जाओ..
1 comment:
दिगम्बर नासवा
November 24, 2014 at 1:19 AM
रूह के निशाँ कब जाते हैं ...
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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रूह के निशाँ कब जाते हैं ...
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