Tuesday, June 2, 2015

'प्रेम के बेसुध पैमाने..'



...

"तेरे लफ़्ज़ों का जाम..
पीता हूँ..
हर रोज़..

कभी तिलिस्म..
कभी रूह..
कभी सूफ़ी..
कभी गुफ़्तगू..

नज़र के फेरे..
जिस्मों के डेरे..
नोट्स पुराने..
थॉट्स दीवाने..

ब्लैक कॉफ़ी..
ग़ालिब..इंशा..
जौक..नुसरत..
औ'..
नॉन-स्टॉप म्यूजिक..

रंगरेज़ मेरे..
रंग दे..
मेरी पुअर वोकैब..
स्याह रातें..
औ'..
प्रेम के बेसुध पैमाने..!!"

...

--लव यू..‪#‎सनम‬

1 comment:

  1. हार्दिक आभार..मयंक साब..!!

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