प्रियंकाभिलाषी..
Saturday, August 29, 2015
'सफ़लता-मंत्र..'
...
"कम होने लगे..
शब्दों से संबंध..
तंज़ होने लगे..
जीवन के बंध..
चलते रहना..
रस्ते हों चंद..
पुकारे मंज़िल..
ख़ुमारी मंद-मंद..
गतिशीलता..निरंतरता..
सफ़लता-मंत्र..!!"
...
--चलते रहना..ए-पथिक..
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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