...
"मुझे भाता है..
तुम्हारा मरून..
वो बिंदास हँसी..
वो खनकती आवाज़..
वो मुझसे हर सवाल को बार-बार पूछना..
वो..हर बार कहना..
'क्या कहूँ..तुम्हें सब पता है'..
और हाँ..
वो एक सिंपल 'हग़'..
मुश्किलों के दौर में..
आज़ादी के छोर में..
रूह का ठिकाना 'वो' ही रहेगा..!!"
...
--एहसास प्यार वाले..
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