Thursday, January 28, 2010

'दिल लगा रखा है..'


...

"फ़क़त..

इक राज़..
सँभाले रखा है..
इक साज़..
सज़ा रखा है..
इक तार..
सँवार रखा है..
इक गुल..
छुपा रखा है..

हाँ..
सच है..

तुमसे..
दिल लगा रखा है..!"

...

6 comments:

  1. प्रेम का खूबसूरत इजहार

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  2. धन्यवाद अजय कुमार जी..!!

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  3. kam shabdon me apnapan dikhlana ho to
    to aapke likhe lines se behtar kuchh nahi hoga..
    Umda kaam

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  4. बहुत-बहुत धन्यवाद अरशद अली साब..!!

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  5. धन्यवाद आशुतोष जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!