सुन्दर शुरुवाद हुई , मगर जुबाँ खामोश हुई ।
गुफ्तगू का मतला यूँ ही चलता रहेगाबेशक देश ये यूँ ही जलता रहेगा
धन्यवाद शारदा जी..!
bahut shashakt lekhan ...
धन्यवाद उम्मेद जी..!!
jabardast rachna...
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
सुन्दर शुरुवाद हुई , मगर जुबाँ खामोश हुई ।
ReplyDeleteगुफ्तगू का मतला यूँ ही चलता रहेगा
ReplyDeleteबेशक देश ये यूँ ही जलता रहेगा
धन्यवाद शारदा जी..!
ReplyDeletebahut shashakt lekhan ...
ReplyDeleteधन्यवाद उम्मेद जी..!!
ReplyDeletejabardast rachna...
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