Fantastic!!!!
ख्वाहिश है चाँद पाने के,और टँगे है सारे ख्वाब..बहुत सुंदर एहसास..विरह और मिलन दोनों रसों से मिला अनूठा प्रेम रस...जीवन का सार।
वाह!इस कणिका का तो जवाब नहीं!
धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!
धन्यवाद सत्यम शिवम जी..!!
धन्यवाद मयंक साहब..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
Fantastic!!!!
ReplyDeleteख्वाहिश है चाँद पाने के,और टँगे है सारे ख्वाब..बहुत सुंदर एहसास..विरह और मिलन दोनों रसों से मिला अनूठा प्रेम रस...जीवन का सार।
ReplyDeleteवाह!
ReplyDeleteइस कणिका का तो जवाब नहीं!
धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद सत्यम शिवम जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद मयंक साहब..!!
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