Thursday, April 14, 2011

'कसम-ए-ज़िन्दगी..'



...


"वादा है..
ए-जां नशीं..
निभाएंगे..
कसम-ए-ज़िन्दगी..
जब तलक..
साँसें है..
दीवानी..
और..
रूह..
बेगानी..!!!"


...

5 comments:

  1. बहुत सुंदर भाव जिन्दगी को बखूबी अभिव्यक्त किया है आपने ..!

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  2. धन्यवाद सत्यम शिवम जी..!!

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  3. धन्यवाद संगीता आंटी..!!

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  4. धन्यवाद केवल राम जी..!!

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