Wednesday, October 12, 2011

'उल्फत की बरसात..'





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"चाँद की मसरूफियत..
चैन ले गयी..
मुद्दत हुई..
उल्फत की बरसात हुए..!"


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8 comments:

  1. मोहब्बत की बरसातें... चाँद और चांदनी रातें
    याद रहे काश तुम्हें ...वो रतजगे वाली रातें
    वो मुलाकातें.....वो ढेरों बातें ...

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  2. धन्यवाद रश्मि प्रभा जी..!!

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  3. धन्यवाद दी..

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    "भूले नहीं अब तलक..
    वो स्नेह की बरसातें..
    रिमझिम खुराफातें..
    मोहब्बत की किताबें..
    मेरी शरारतें..
    और..
    आपके दिल की हरारतें..!!!"

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  4. धन्यवाद सागर जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!