Tuesday, October 11, 2011

'ईमान-ए-जूनून..'




...


"ख़्वाबों को लगा आया हूँ..
रूह की निगरानी पर..
ईमान-ए-जूनून..
महंगा हो चला..
इन दिनों..!!"


...

12 comments:

  1. क्या खूबसूरत खयाल है : रूह की निगरानी ख्वाबो के द्वारा

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  2. बहुत सुंदर क्या बात है ...ख्वावों की निगरानी वह भी रूह पर

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  3. रूह को किसी निगरानी की ज़रूरत होती है क्या???????तुम ख्वाब देखो.........सुन्दर सलोने ...रूह उनकी निगरानी करे...तुम्हारी दरख्वास्त ...आत्मा से परमात्मा तक पहुँच जायेगी..स्वतः !!

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  4. बहुत ही सुन्दर....

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  5. क्या बात है! वाह! बहुत सुन्दर प्रस्तुति बधाई

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  6. धन्यवाद सुनील कुमार जी..!!

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  7. धन्यवाद शेफाली जी..!!

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  8. behtreeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeen....
    achcha laga padhkar,,
    jai hind jai bharat

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  9. धन्यवाद सजन अवारा जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!