
पाँचवी किश्त..शैतानी और मस्ती भरी..
***पाँचवा पत्र***
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प्रिय पोलू,
आज वैलेंटाइन'स डे है फिर भी हम जुदा हैं..मिल भी नहीं सकते.. आज सब रैलेतिव्ज़ डिनर पर आ रहे हैं..क्या करूँ, भाग भी नहीं सकती.. आज रात को सबके सोने के बाद मिलें, अपनी फैवी प्लेस पर..??
बहुत कुछ कहना है..तुम्हारे बिना कैसे गुज़रे ये दिन, ये रातें..सिर्फ हमारा दिल ही जाने..!!!
तुम्हारी और सिर्फ तुम्हारी,
ऐश..
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!