Saturday, April 6, 2013

'उलझती-सुलगती..'



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"उलझती-सुलगती छल्लों की कारीगरी..
चल बिछायें इन पर..शब्दों की जादूगरी..!!!"

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3 comments:

  1. धन्यवाद यशवंत माथुर जी..

    आभारी हूँ..

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  2. धन्यवाद मंजू मिश्रा जी..!!

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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!