Friday, February 21, 2014

'दुआ अता हो..'






...

"राहें जुदा रहेंगी अबसे..ए-जां..
अजनबियत तक़दीर थी अपनी..

तेरी हर दुआ अता हो..आमीन..!!"

...

--दौर-ए-रूमानियत..ख़त्म हुआ..

1 comment:

स्वागत है..आपके विचारों का..!!!