प्रियंकाभिलाषी..
Sunday, February 15, 2015
'नक़ाब..'
...
"झूठ-सच की दौड़ में भागता हूँ..रोज़ सुबह..
छल-कपट के पहाड़े गुनता हूँ..दिन भर..
अहंकार के टारगेट्स से दमकता हूँ..शामो-सहर..!!"
...
--नक़ाब पूरे वीक्स के.. साथ रखता हूँ..
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स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
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