
...
"साँसे बेक़ाबू-सी..
रूह आउट ऑफ़ आर्डर..
बिखरे दस्तावेज़..
सिमटे नोट्स..
लेज़ी वाच..
मनमौजी ग्लास्सेज़..
सबका अपना-अपना मिज़ाज़ है..
वैसे..
वीकेंड का मंज़र..
बहुत प्राईसी होता है..
नीट ही करता और करवाता है..
ज़ुल्म सारे..!!"
...
--वीकेंड-सेलिब्रेशन बिगिंस..grin emoticon
वाह ... बहुत ही लाजवाब शब्द ...
ReplyDeleteहर शब्द अपनी दास्ताँ बयां कर रहा है आगे कुछ कहने की गुंजाईश ही कहाँ है बधाई स्वीकारें
ReplyDeleteसादर धन्यवाद दिगम्बर नास्वा जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद संजय भास्कर जी..!!
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