वाह...बहुत बढ़िया.
umdaa...
wah!!! Bahut Khub !!!
इतनी सी बात से डर कर मोहब्बत करना क्यूँ छोड़ा जाए...कश्ती-इ-मोहब्बत को क्यूँ मोड़ा जाए
धन्यवाद विद्या जी..!!
धन्यवाद चिराग जी..!!
धन्यवाद प्रकाश जैन जी..!!
धन्यवाद दी..!!
स्वागत है..आपके विचारों का..!!!
वाह...बहुत बढ़िया.
ReplyDeleteumdaa...
ReplyDeletewah!!! Bahut Khub !!!
ReplyDeleteइतनी सी बात से डर कर
ReplyDeleteमोहब्बत करना क्यूँ छोड़ा जाए...कश्ती-इ-मोहब्बत को क्यूँ मोड़ा जाए
धन्यवाद विद्या जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद चिराग जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद प्रकाश जैन जी..!!
ReplyDeleteधन्यवाद दी..!!
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