Sunday, June 17, 2012

'बहुत अच्छा लगता है.. है ना..'





...


"बहुत सुंदर हैं..
आँखें तुम्हारी..
हर पल मुझे ही निहारतीं हैं..
वो तुम्हारा मुझे चुपके-चुपके मुझे देखना..
आते-जाते बस इक नज़र भर देखना..
वो आँखों के इशारे..
मेरे मना करने के बाद भी..
मुझे यूँ ही परेशां करना(प्यार करना)..
बहुत अच्छा लगता है..
है ना..

वो आपके छोटे-छोटे से बाल..
जो मैं खींच भी नहीं पाती..
मेरे लिये गर्मी में भी लम्बे करने की कोशिश करना..
वो आपके बालों को बिगाड़ देना..
बहुत अच्छा लगता है..
है ना..

वो आपका खुद को आते-जाते आईने में निहारना..
कभी दायें-कभी बायें..
कभी आगे-पीछे..
वो ऊपर से नीचे देखना..
और जाँचते ही मेरी तरफ देना..
बहुत अच्छा लगता है..
है ना..

वो मेरी ख़ुशी के लिये..
'ग्रीन कलर' की टी-शर्ट पहनना..
धीरे-धीरे उसे पसंद करने लगना..
और अपने 'फेवरेट कपड़ों' में शामिल करना..
बहुत अच्छा लगता है..
है ना..

वो हर सुबह पूछना..
'दूध पीया..??'....'एक ग्लास और पीयो..'..
वो दोपहर को खुद दो चम्मच होर्लिक्स वाला दूध लाना..
और कहना, 'चलो, जल्दी पीयो..!!'..'और लाऊं क्या..??'
बहुत अच्छा लगता है..
है ना..

वो मेरे लिये हर जगह..
बिना आलू-प्याज वाला खाना ढूँढना..
रेस्त्रो में मेरे साथ वो ही खाना..
जो मुझे पसंद हो..
बहुत अच्छा लगता है..
है ना..

वो खाने की मेज़ पर..
मेरा आपके पैरों को धीरे से गुदगुदाना..
और आपका चुपके से मुस्कुराना..
मेरी ताल से ताल मिलाना..
बहुत अच्छा लगता है..
है ना..

वो आपका और मेरा साथ..
आपका मुझे पकड़ आईने के सामने लाना..
फिर खड़े हो दोनों को निहारना..
और कहना..
'ऐसे अच्छे लगते हैं ना हम..?????'
बहुत अच्छा लगता है..
है ना..

तेरा-मेरा संसार..
जीवन का आधार..
प्यारा-सा उपहार..
बहुत अच्छा लगता है..
है ना..!!!"


...

10 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (19-06-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद मयंक साब..!!!

सादर आभार..!!

ana said...

shabdo ka chayan ati sundar

दिगम्बर नासवा said...

बहुत खूब ... छोटी छोटी बातों से खुशियां ढूंढती रचना ...

Amrita Tanmay said...

बहुत सुन्दर..

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद एना जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद दिगम्बर नासवा जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद अमृता तन्मय जी..!!

Tanu Nahata said...

lovely poem bundled up with lots of emotions and feelings for your loved one...

Priyankaabhilaashi said...

Thanks Tanu Jee.. :-)