Thursday, April 11, 2013

'बेज़ुबान हर्फ़..'



...

"उग आये हैं..
बेज़ुबान हर्फ़..
जिस्म के हर कोने..
क्या मुनासिब..
इक छुअन कभी..!!"

...

4 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

Yashwant Mathur said...

बेहतरीन



सादर

दिगम्बर नासवा said...

बहुत खूब ...

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद यशवंत माथुर जी..

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद दिगम्बर नासवा जी..!!