Saturday, August 31, 2013

'परवाह..'

...






...


"अब परवाह..
ना करना..
जीना सीख..
रही हूँ..
तुम बिन..

यूँ भी..
हर पल..
बोझ हूँ..
तुम्हारे लिए..

हसरत..वक़्त..
ज़ाया करती..
जाने कितने..
फ़ोन करती..

ना होगी..
कोई रुसवाई..
खुदपर अब..
लगाम लगाई..

ना करुँगी..
अब परेशान..
रखना तुम..
अपना ध्यान..!!"

...

--जाने कहाँ से ये हर्फ़ आ गए..

2 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

Prakash Jain said...

Ab parwah
na karna
jeena seekh
rahin hoon
Tum bin.........Beautiful....

Parwah beparwah nahi,

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद प्रकाश जैन जी..!!