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Tuesday, August 13, 2013

'जवाब..'



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"लिखने की उम्र गुज़रती है क्या..?? बहुत सोचा..इस ताल के राग के बारे में.. कैसा सवाल उठा आज..??? सब परेशां हुए जा रहे हैं..गली-गली ढूँढ रहा जवाब..!!!"


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--बारिश के दुष्प्रभाव..

Saturday, July 6, 2013

'डेट..'




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"बारिश की ज़ालिम बूंदों से..
जिस्म सहलाते हो..

अल्हड़ सुबह पर सुरूर..
जाने कैसे चढ़ाते हो..

तल्ख़ धूप की सरसराहट..
फ़क़त रूमानी बनाते हो..

भीगी शाम और आवारगी..
बेशुमार रंग सजाते हो..

शब..महबूब..लब-ए-शीरीन..
क्यूँ..हसीं कहर ढाते हो..

ख़त्म करो मौसम-ए-हिजरां..
बोलो..'डेट' पर कहाँ बुलाते हो..!!"

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---आँठवी बारिश..

Saturday, June 29, 2013

'चौथी बारिश..'



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"इक तेरी खुशबू..
दूजी सौंधी मिट्टी..
तीजी रूमानी रूह..
उस पर ज़ालिम यादें..!!"

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---चौथी बारिश भिगोती दरख्त..आसमां..आँगन..

'सुनो..'




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"सुनो..

तुम्हें पसंद है न..
बारिश की बूँदें..
रिसता प्यार..
और..
उसमें क़ैद दर्द..

तेरे जाने के बाद..
नहीं सुहाती बारिश..
रश्क़ है बूंदों से..

कुछ रोज़ हुए..
बाहर निकलती नहीं..
बारिश में..
बुलायें यादें कितना..!!"

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Tuesday, June 18, 2013

'ह्रदय-उपवन..'




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"देखो..धुला-धुला आकाश सारा..
जाने ह्रदय-उपवन किसने सँवारा..
खिले जब-तब अंतर्मन दर्पण..
सृष्टि करे विवेचन तुम्हारा..!!"

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'तीसरी बारिश..'







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"तेरा स्पर्श अब भी अंतर्मन को वैसे ही सहलाता है..!!"

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---तीसरी बारिश..

Tuesday, September 18, 2012

'बारिश..'




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"भीग जाने दो..
बारिश की बूंदों को..
ज़रा..
जन्मों से बोझिल साँसें..
भरती नहीं दम ज़रा..!!"

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