अक्षय तृतीया के मंगलमय उत्सव पर ढेरों शुभकामनाएं..💐💐
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Sunday, April 23, 2023
अक्षय-तृतीया..
Writer/शब्दों के कारोबारी..
priyankaabhilaashi
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4/23/2023 07:57:00 AM
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Friday, March 31, 2023
'इंतेज़ार के बीज..'
चित्र आभार - जिनकी भी हो!!
...
"इक रोज़ उसने कहा था कि "सबसे बुरा होता है, प्रेम का इंतज़ार करना"... प्रेम का स्वरूप समझना, स्वयं में उतारना, आत्मसात करना कठिन प्रतीत हो, परंतु जब अंतस में उतरे, समस्त आचार-विचार-व्यवहार सबकी दिशा बदल जाती है..
एक अद्भुत संगम, एक अविरल धारा, एक अतुल्य भाव जिसमें बहना ही एकमात्र विकल्प!
एक ऐसी मनोस्थिति जहाँ समर्पण और समर्पण ही जीवन-दर्पण होता है.. एक तिलिस्म जिससे अछूता एक पल नहीं और उससे सुंदर व्याख्या नहीं..
पर उसने कहा था, हाले-दिल..
उसने जिया था, वो दौर..
उसने लिखा था, दर्द-ए-एहसास..
उसने पिया था, मोहब्बत-ए-राज़..
अब तलक 'इंतज़ार के बीज' रोपित होने के इंतज़ार में हैं और कोई उन्हें 'सींचने' के लिए तड़प रहा..
किसी ने उस 'हसीं' मुलाकात के बाद कहा था, "तुमसे मिलना अधूरा ही रहा इस दफ़ा".. उस गुलाबी शहर की रंगीं गलियां अब तक उसकी आस में रुकीं हैं, के 'इक रोज़ दीदार होगा!'..
उसकी बज़्म में नगमा कोई मेरा गूंजेंगा.. मैं लिखूँगी नज़्म रूमानी और उसके होंठों पर ज़िक्र मेरा होगा!
तुम जानेमन हो! मेरे होने का वजूद, मेरी रूह की दराज़ के महबूब!"
...
Writer/शब्दों के कारोबारी..
priyankaabhilaashi
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3/31/2023 11:26:00 AM
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Wednesday, August 4, 2021
'वजूद..'
...
"फिर वहीं लौट आता हूँ..
हर दफ़ा..
उस इक वादे के बाद..
न तेरा हो सका..
न वजूद अपना कायम रहा..
खामोशी के खंज़र..
नक़ाब में मिलेंगे..
दास्तान-ए-चिराग..
खूब सिलेंगे..
मेरी आस..
साँस..
और..
ताप..
तुम मौजूद रहना!!"
Writer/शब्दों के कारोबारी..
priyankaabhilaashi
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8/04/2021 08:29:00 AM
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'बहाने..'
Writer/शब्दों के कारोबारी..
priyankaabhilaashi
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8/04/2021 08:28:00 AM
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