Friday, February 5, 2010

'संभाल रखा है..'


...


"ख्याल तुम्हारा इक-इक..
संभाल रखा है..
दिल को हमने भी..
लुभा रखा है..

कमसिन अदाएं..
तिरछी निगाहें..
उफ़क़ की खुशबू..
मस्त फज़ाएँ..
जादू बेशुमार..
सुर्ख वफ़ाएँ..

दरिया से रंजो-गम..
निकाल रखा है..

सच..
ख्याल तुम्हारा इक-इक..
संभाल रखा है..!"


...

6 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

RaniVishal said...

Bhaut Sundar Rachana.....Badhai!
http://kavyamanjusha.blogspot.com/

Udan Tashtari said...

बढ़िया.

महफूज़ अली said...

बहुत सुंदर शब्दों के साथ.... बहुत सुंदर कविता....

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद ranivishaal जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद उड़न तश्तरी जी..!!

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद महफूज़ अली जी..!!