Sunday, January 22, 2012

'गुरूर मेरा..'

...


"तिल-तिल मर चुका..
ज़मीर मेरा..
रेज़ा-रेज़ा बिक चुका..
आशियाना मेरा..
कब तलक..
झूठा ताज़ दमकायेगा ..
गुरूर मेरा..!!!


...

20 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

vidya said...

बहुत सुन्दर...
नन्ही सी रचना मगर बात बड़ी कह गयी ..

Atul Shrivastava said...

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट्स पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

Dr.NISHA MAHARANA said...

waah.

Anju (Anu) Chaudhary said...

वाह

RITU BANSAL said...

प्रभावी..
kalamdaan.blogspot.com

रश्मि प्रभा... said...

bahut kuch

Yashwant Mathur said...

कल 30/09/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Unknown said...

धन्यवाद विद्या जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद निशा महाराणा जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद अंजू चौधरी जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद रश्मि प्रभा जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद ऋतू जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!! आभारी हूँ..!!

nayee dunia said...

बहुत बढ़िया

Unknown said...

धन्यवाद उपसना सियाग जी..!!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत खूब

Unknown said...

धन्यवाद संगीता आंटी..!!

Onkar said...

सुन्दर

Unknown said...

धन्यवाद ओंकार जी..!!

Unknown said...

गुरूर ...हर रिश्ते की दीमक.