
...
"साँसे बेक़ाबू-सी..
रूह आउट ऑफ़ आर्डर..
बिखरे दस्तावेज़..
सिमटे नोट्स..
लेज़ी वाच..
मनमौजी ग्लास्सेज़..
सबका अपना-अपना मिज़ाज़ है..
वैसे..
वीकेंड का मंज़र..
बहुत प्राईसी होता है..
नीट ही करता और करवाता है..
ज़ुल्म सारे..!!"
...
--वीकेंड-सेलिब्रेशन बिगिंस..grin emoticon
4 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:
वाह ... बहुत ही लाजवाब शब्द ...
हर शब्द अपनी दास्ताँ बयां कर रहा है आगे कुछ कहने की गुंजाईश ही कहाँ है बधाई स्वीकारें
सादर धन्यवाद दिगम्बर नास्वा जी..!!
धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!
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