Sunday, March 14, 2010

'सितारे..'


...

"हर्फ़ बिखरे हैं..
आज फिर..
मेरी रूह पर..
इस कदर..
सितारे चटकते हैं..
फलक के..
साहिल से जैसे..!"

...

4 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

निर्मला कपिला said...

बहुत खूब ! शुभकामनायें

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद निर्मला जी.!!

देवेश प्रताप said...

बहेतरीन प्रस्तुति .....

Priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद देवेश प्रताप जी..!!