Thursday, December 22, 2011

'हकीकत-ए-शबाब..'




...


"चमकते जिस्म..
बहकते ख्वाब..

हकीकत-ए-शबाब..!!!"

...

4 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

Atul Shrivastava said...

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

भई वाह! बहुत सुन्दर प्रस्तुति
बस
कस्म गोया तेरी खायी न गयी

Unknown said...

धन्यवाद अतुल श्रीवास्तव जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद चन्द्र भूषण मिश्र 'गाफिल' जी..!!